त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कार्रवाई, चित्तौड़गढ़ में 413 किलो संदिग्ध घी जब्त

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राशमी में सरस घी के नाम से मिले डिब्बे, प्रतापगढ़ में अजवाइन, घी और दूध कारोबारियों पर करीब 6 लाख रुपए का जुर्माना
चित्तौड़गढ़/प्रतापगढ़, 15 अक्टूबर:
दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी में सरस घी के नाम से रखे 413 किलो संदिग्ध घी को जब्त किया गया है। वहीं, प्रतापगढ़ में खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरने के मामलों में इस महीने करीब 6 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। राशमी में घी के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे, जबकि प्रतापगढ़ में अजवाइन, घी और दूध कारोबारियों पर जुर्माना लगाया गया है।
राशमी में मकान और दुकान से मिला घी
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, डीएसटी को सूचना मिली थी कि राशमी कस्बे में अनिल पोखरना के मकान और दुकान में बड़ी मात्रा में देसी घी रखा है और उसकी बिक्री की जा रही है। डीएसटी प्रभारी एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम ने खाद्य सुरक्षा विभाग और राशमी थाना पुलिस के साथ तलाशी ली। इस दौरान अलग-अलग पैकिंग में टिन और प्लास्टिक के डिब्बे मिले, जिन पर सरस घी लिखा था। कुल 413 किलो घी जब्त किया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों मनीष शर्मा और कुलदीप मीणा ने नमूने लिए। घी के डिब्बों और भंडारण वाले कमरे को सील कर दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में घी भीलवाड़ा के एक सेलर से लाया जाना बताया गया है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घी की गुणवत्ता और मिलावट की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रतापगढ़ में तीन कारोबारियों पर जुर्माना
प्रतापगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस महीने अजवाइन व्यापारी पर 45 हजार, घी व्यापारी पर 3 लाख और दूध व्यापारी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। विभाग के अनुसार, हल्दी, दूध और घी जैसे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े चार नए मामले भी सामने आए हैं। कुछ दुकानदारों और आमजन ने आरोप लगाया कि विभाग त्योहारों के दौरान ही सक्रिय होता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील पामेचा ने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि स्टाफ की कमी के कारण पहले सर्वे में दिक्कत आती थी, लेकिन अब लगातार नमूने लिए जा रहे हैं।