1 जुलाई से PHC पर अनिवार्य होगा ‘डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल’
ई-प्रिस्क्रिप्शन से मिलेगा उपचार, मरीजों का बनेगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 25 जून: राजस्थान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर आईएचएमएस (IHMS) सॉफ्टवेयर के ‘डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल’ को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक डॉ. जोगा राम द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1 जुलाई 2026 तक सभी पीएचसी पर शत-प्रतिशत ई-प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था लागू करनी होगी।
टैबलेट और कंप्यूटर से जारी होंगे ई-प्रिस्क्रिप्शन
आदेश के तहत चिकित्सा अधिकारी अब मरीजों को टैबलेट अथवा कंप्यूटर के माध्यम से डिजिटल पर्ची जारी करेंगे। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले से टैबलेट उपलब्ध कराए जा चुके हैं। नई व्यवस्था से मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार होगा, जिससे उपचार संबंधी जानकारी सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेगी। यह पहल आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
डॉक्टरों को दिया जाएगा तकनीकी प्रशिक्षण
स्वास्थ्य विभाग ने जिला, ब्लॉक एवं जोनल स्तर पर तैनात डीओआईटीसी (DOITC) कार्मिकों को डॉक्टरों को आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय आईटी एवं ABDM-PMU टीम को सक्रिय रखा गया है।
CMHO करेंगे निगरानी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को इस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 1 जुलाई से शत-प्रतिशत डिजिटल परामर्श शुरू हो जाए, जिससे मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।