उदयपुर, 29 अक्टूबर: मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की शोधार्थी अनामिका बारहठ को राजस्थान की चारण भक्ति परंपरा पर शोध के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उन्होंने ‘राजस्थान में चारण भक्ति परंपरा का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन (15वीं से 20वीं शताब्दी तक)’ विषय पर शोध कार्य प्रो. (डॉ.) दिग्विजय भटनागर के निर्देशन में पूरा किया। शोध में चारण भक्ति परंपरा के विकास, साहित्यिक विरासत तथा राजस्थान के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में इसके योगदान का अध्ययन किया गया है। अनामिका बारहठ ने अपनी उपलब्धि का श्रेय शोध निर्देशक, शिक्षकों, विद्वानों और परिवार के सहयोग को दिया। उनके शोध को राजस्थान की लोकसंस्कृति, इतिहास और भक्ति साहित्य की परंपरा को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण अकादमिक प्रयास माना गया है।