पेसिफिक डेंटल कॉलेज में डॉक्टर्स डे पर आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता

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भावी दंत चिकित्सकों ने कैनवास पर उकेरी मुस्कान
उदयपुर, 1जुलाई:
समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान, सेवा और उनके त्याग को नमन करने के लिए पेसिफिक मेडिकल विश्वविद्यालय के पेसिफिक डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में डॉक्टर्स डे अवसर पर आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें भावी दंत चिकित्सकों ने अपनी रचनात्मकता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई अक्सर बहुत चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होती है। ऐसे में इस प्रतियोगिता ने छात्रों को अपनी भारी-भरकम किताबों और पढ़ाई के नियमित तनाव से कुछ पल दूर जाकर, अपनी कला और छिपी हुई भावनाओं को कैनवास पर उकेरने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया। पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के विशेष सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी व्यस्त जीवनशैली के बीच चिकित्सकों के असीम त्याग, सेवा भाव और समाज के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण के प्रति जागरूक करना था।
प्रतियोगिता की को-ऑर्डिनेटर डॉ. राहीला घोड़च ने बताया कि प्रतियोगिता की थीम ’स्माइल के चित्रकार रखी गई। चूंकि एक दंत चिकित्सक का मुख्य कार्य ही मरीज के चेहरे पर दर्द रहित और सुंदर मुस्कान वापस लाना होता है, इसलिए यह थीम छात्रों के पेशे से सीधे जुड़ी हुई थी। इस प्रतियोगिता में डेंटल कॉलेज के लगभग 30 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया।
प्रतिभागियों ने अपने रंगों और तूलिका के माध्यम से डॉक्टरों के जीवन, उनके संघर्ष, मरीजों के साथ उनके आत्मीय संबंध और एक स्वस्थ मुस्कान के महत्व को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। किसी छात्र ने कैनवास पर डॉक्टर को रक्षक के रूप में दर्शाया, तो किसी ने अपनी कला से दंत चिकित्सा की बारीकियों को रंगों के जरिए जीवंत कर दिया।
इस दौरान पिडिलाइट इंडस्ट्रीज से राजस्थान के एएमएमडी नीरज सूद एवं सीएमडीआई गोपाल माथुर ने बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन किया एवं विधार्थीयों की कला की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रतियोगिता के समापन पर निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ कलाकृतियों का चयन किया गया। आर्ट कॉम्पिटिशन के विजेताओं को उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा के लिए पीडीसीआरसी के प्रिंसिपल डॉ.गौरव भारद्वाज, डॉ.जितेन्द्र लोहार, डॉ. वत्सला,डॉ.महिमा सहित कॉलेज के अन्य गणमान्य प्रतिनिधि और फैकल्टी मेंबर्स ने आकर्षक पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए ताकि उनकी हौसला अफजाई हो सके।
इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. गौरव भारद्वाज ने सभी छात्रों और शिक्षकों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि एक सफल चिकित्सक बनने के लिए मानसिक शांति और रचनात्मकता भी बहुत जरूरी है। इस तरह की सह-शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के तनाव को कम करने और उनके सर्वांगीण विकास में एक अहम भूमिका निभाती हैं।
इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में पीएमसीएच के एचआर विभाग से प्रवीण डांगी एवं हेमंत सैन का विशेष योगदान रहा।