फतहसागर की लहरों से जापान तक पहुंचा हर्षवर्धन का सफर
उदयपुर, 12 सितंबर: फतहसागर की लहरों पर शुरू हुआ अभ्यास अब जापान के अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंच गया है। उदयपुर के प्रतिभाशाली कयाकिंग-कैनॉयंग खिलाड़ी हर्षवर्धन सिंह शक्तावत का कैनो स्प्रिंट वर्ग में एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ है। जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले खेलों से पहले हर्षवर्धन वर्तमान में कोमात्शु में 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास कर रहे हैं। उनके चयन से उदयपुर के खेल जगत में उत्साह है और उनसे पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
राजस्थान कयाकिंग-कैनॉयंग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि उदयपुर में इस खेल की शुरुआत के समय से ही उनका सपना था कि यहां का कोई खिलाड़ी एशियन गेम्स तक पहुंचे। करीब सात वर्ष की उम्र में हर्षवर्धन अपने पिता निरंजन सिंह शक्तावत और माता के साथ बीएन तरणताल में तैराकी सीखने पहुंचे थे। पांच वर्ष के तैराकी एवं फिटनेस प्रशिक्षण के बाद उनकी प्रतिभा को देखते हुए फतहसागर कयाकिंग सेंटर पर कैनो का अभ्यास शुरू कराया गया। बाद में भोपाल के साई सेंटर और हाई परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण मिला। इसके बाद टिहरी झील स्थित हाई परफॉर्मेंस अकादमी में आधुनिक तकनीक और विदेशी प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने कई राष्ट्रीय पदक जीते और भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।
संघ अध्यक्ष भगवान स्वरूप वैष्णव ने कहा कि अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास ने हर्षवर्धन को भारतीय टीम तक पहुंचाया। चेयरमैन अजय अग्रवाल ने उन्हें पदक की शुभकामनाएं दीं। संघ के अनुसार जापान में भारतीय दल के 14 खिलाड़ी और चार प्रशिक्षक विशेष अभ्यास कर रहे हैं। यह शिविर खिलाड़ियों को जापान के मौसम और परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित है।