आदिवासी अस्मिता और जनसमस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन
उदयपुर, 2 जून: डूंगरपुर जिले के दोवड़ा चौराहे पर भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने ‘वनवासी’ शब्द के प्रयोग के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। आसपुर विधायक उमेश डामोर के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक पुतला दहन किया तथा आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
बीएपी का कहना है कि भारतीय संविधान और सरकारी अभिलेखों में ‘आदिवासी’ शब्द मान्य है, इसलिए सार्वजनिक और शासकीय मंचों पर किसी अन्य शब्द का प्रयोग समाज की अस्मिता के साथ अन्याय है। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता दोवड़ा तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
महंगाई, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे भी उठाए
आदिवासी पहचान के साथ-साथ महंगाई, बेरोजगारी, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता, अघोषित बिजली कटौती, शुद्ध पेयजल, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और मनरेगा में पारदर्शिता जैसे मुद्दे भी शामिल किए गए। इसके अलावा पंचायती राज संस्थाओं के चुनावसमय पर कराने की मांग भी उठाई गई।
विधायक उमेश डामोर ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने आदिवासी समाज के सम्मान और क्षेत्रीय विकास के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।