‘आलोक : एक दर्शन’ पुस्तक का हुआ विमोचन

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उदयपुर, 1 नवंबर। स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा लिखित पुस्तक ‘आलोक : एक दर्शन’ का विमोचन किया गया।
इस पुस्तक में आलोक की शैक्षिक विचारधारा, भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कारयुक्त शिक्षा और संस्थान की मूलभूत दार्शनिक अवधारणाओं को समाहित किया गया है।
श्रीराम रक्षा स्तोत्र और शिव तांडव से गूंज उठा श्रीराम स्टेडियम
तीन घंटे तक बिना किसी व्यवधान के धाराप्रवाह चले इस भव्य आयोजन का समापन अत्यंत आध्यात्मिक एवं रोमांचकारी वातावरण में हुआ।
भगवान श्रीराम की आराधना, श्रीराम रक्षा स्तोत्र एवं शिव तांडव स्तोत्र की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने पूरे स्टेडियम को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इन प्रस्तुतियों के दौरान दर्शक मंत्रमुग्ध होकर मंच की ओर निहारते रहे।
समारोह के अंतिम चरण में आलोक हिरण मगरी के 50 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में की गई भव्य आतिशबाजी ने आकाश को रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा दिया। इस अद्भुत दृश्य के साथ स्वर्ण जयंती समारोह का यादगार समापन हुआ।
जनप्रतिनिधियों, पूर्व विद्यार्थियों और अभिभावकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
समारोह में नगर परिषद के पूर्व सभापति युधिष्ठिर कुमावत, पूर्व महापौर रवींद्र श्रीमाली , पार्षद जतिन श्रीमाली सहित अनेक पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक, पूर्व विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आलोक हिरण मगरी के प्राचार्य शशांक टांक ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि सह प्रशासक प्रतीक कुमावत ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आलोक संस्थान के विभिन्न शाखाओ से मनोज कुमावत, निश्चय कुमावत, ललित गोस्वामी, वीरेंद्र पालीवाल, संगीता भारद्वाज, ध्रुव कुमावत, वंदना त्रिवेदी, प्रेम कुंवर सहित संस्थान के अनेक पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।