परिवादी बोला- पहली वारदात में केस नहीं लिखा, दूसरी चोरी के बाद भी टालता रहा पुलिसकर्मी
उदयपुर, 22 मई: प्रतापनगर थाने के रिश्वतखोरी में ट्रैप हुए एएसआई सुनील बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अब एक परिवादी ने उस पर चोरी के मामले को दबाने और आरोपी को बचाने के आरोप लगाए हैं। परिवादी का कहना है कि खेत से मोटर और केबल चोरी होने के बावजूद एएसआई ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की और लगातार कार्रवाई टालता रहा।
प्रतापनगर निवासी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि बेड़वास स्थित उनके खेत पर करीब एक साल पहले चोरी हुई थी। उन्होंने आरोपी का नाम भी पुलिस को बता दिया था, लेकिन एएसआई सुनील बिश्नोई ने मामला परिवाद में ही रखकर कार्रवाई नहीं की। आरोपी को थाने बुलाने के बाद भी छोड़ दिया गया।
परिवादी के अनुसार पहली चोरी में सख्ती नहीं होने से एक महीने पहले फिर से कुएं की मोटर और केबल चोरी हो गई। दूसरी बार शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर भी उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा। बाद में उन्होंने सीआई पूरणसिंह राजपुरोहित से शिकायत की।
लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि एएसआई और एक कॉन्स्टेबल लगातार मामले को दबाने का प्रयास करते रहे। एसीबी ट्रैप की कार्रवाई सामने आने के बाद उन्हें आरोपी को बचाने का अंदेशा और गहरा गया।
गौरतलब है कि एएसआई सुनील बिश्नोई को एसीबी ने 17 मई को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उस पर रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं करने की एवज में तीन लाख रुपए मांगने का आरोप है। शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर उसे शोभागपुरा स्थित एक रिसोर्ट से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।