उदयपुर, 24 मार्च: राजस्थान पथ परिवहन निगम के नए टिकट सिस्टम के तहत यात्रियों को बस में ही टिकट तो मिल रहा है, लेकिन सीट अलॉटमेंट में हो रही देरी अब बड़ी समस्या बनती जा रही है।
उदयपुर डिपो में लागू इस व्यवस्था में परिचालकों की ईटीआईएम मशीनों के जरिए सीट आवंटन किया जा रहा है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण प्रक्रिया सुचारू नहीं चल पा रही। यात्रियों को टिकट मिलने के बावजूद सीट कन्फर्म होने में देरी हो रही है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
पुरानी मशीनें और नेटवर्क समस्या बनी वजह
मौजूदा ईटीआईएम मशीनें वर्ष 2019 की हैं, जो नए सॉफ्टवेयर के साथ पूरी तरह तालमेल नहीं बैठा पा रही हैं। इसके अलावा सर्वर और नेटवर्क की समस्या भी लगातार सामने आ रही है। कनेक्टिविटी बाधित होने से सीट की स्थिति अपडेट नहीं हो पाती, जिससे टिकट जारी करने और सीट आवंटन में देरी हो रही है। वर्तमान में करीब 10 प्रतिशत टिकट ही सुचारू रूप से बुक हो पा रहे हैं।
यात्रियों को हो रही परेशानी
सीट अलॉटमेंट में देरी के कारण यात्रियों को बस में चढ़ने के बाद भी अपनी सीट को लेकर स्पष्टता नहीं मिल पाती। इससे खासकर लंबी दूरी के यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और कई बार विवाद की स्थिति भी बन रही है। डिपो मैनेजर हेमंत शर्मा ने बताया, “यात्रियों की सुविधा के लिए ईटीआईएम मशीनों में सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है, जिससे बस में ही टिकट और सीट आवंटन की व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि, पुरानी मशीनों और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। जल्द ही नई मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सिस्टम पूरी तरह सुचारू हो सकेगा।” रोडवेज प्रबंधन का कहना है कि नई ईटीआईएम मशीनें आने के बाद सीट अलॉटमेंट में हो रही देरी खत्म होगी और यात्रियों को बेहतर व तेज सेवा मिल सकेगी।