12 आरोपी डिटेन, 11 लाख मुआवजा व संविदा नौकरी पर बनी सहमति
डूंगरपुर, 18 दिसंबर: धम्बोला थाना क्षेत्र के पीठ कस्बे में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा की जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत के बाद दो दिन तक चले भारी जनआक्रोश का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया। प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच समझौता होने के बाद माहौल शांत हुआ। प्रशासन ने 11 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने और लापरवाही बरतने वाले पीठ चौकी के एसआई को निलंबित करने का निर्णय लिया। इसके बाद गमगीन माहौल में छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया।
पीठ कस्बे की रहने वाली नाबालिग छात्रा ने 16 दिसंबर की शाम जहर खा लिया था। गंभीर हालत में उसे उदयपुर रेफर किया गया, जहां 17 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि छात्रा द्वारा आरोपियों के खिलाफ दी गई रिपोर्ट के बावजूद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। इससे आक्रोश फैल गया और सर्वसमाज धरने पर बैठ गया।
जिलेभर से उमड़ा जनसैलाब
गुरुवार सुबह पीठ कस्बे में जिलेभर से लोग पहुंचने लगे। हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। आईजी गौरव श्रीवास्तव, कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और एसपी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे और वार्ता के बाद समझौता कराया।
12 आरोपी डिटेन, पट्टों की जांच का आश्वासन
एसपी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी जावेद सहित कुल 12 लोगों को डिटेन किया गया है। आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर प्रशासन ने पट्टों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सहमति के बाद धरना समाप्त हुआ और कस्बे में शांति बहाल हुई।