चंगेड़ी स्कूल बना नवाचार, अनुशासन और गुणवत्ता शिक्षा की मिसाल

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प्रधानाचार्य मोहन सोनी ने बदली विद्यालय की तस्वीर
फतहनगर, 13 मई
: “दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो बदलाव संभव है” इस कहावत को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चंगेड़ी (मावली) के प्रधानाचार्य मोहन सोनी ने साकार कर दिखाया है। उनके नेतृत्व, दूरदृष्टि और समर्पण से एक सामान्य विद्यालय आज क्षेत्र में विकास, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहचान बन चुका है।
वर्ष 2018 से पहले विद्यालय की स्थिति साधारण थी, लेकिन पिछले सात वर्षों में यहां व्यापक बदलाव हुए हैं। प्रधानाचार्य मोहन सोनी ने विद्यालय स्टाफ, ग्राम पंचायत, ग्रामवासियों और भामाशाहों के सहयोग से स्कूल परिसर का कायाकल्प कर दिया। पुरानी कक्षाओं की मरम्मत, रंग-रोगन, लाइट फिटिंग, दरवाजों और शौचालयों के सुधार के साथ विद्यालय को नया स्वरूप दिया गया।
विद्यालय परिसर में तारबंदी, हरियाली और आकर्षक वातावरण पर विशेष ध्यान दिया गया। परिसर में गुलमोहर, गुलाब, चंपा, कनेर और रातरानी जैसे पौधे लगाए गए। आधुनिक सुविधाओं के तहत सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमेटिक बेल, कम्प्यूटर, प्रिंटर और नया फर्नीचर उपलब्ध कराया गया।
ग्राम पंचायत के सहयोग से विशाल हॉल, चारदीवारी, प्रार्थना स्थल, ओपन जिम और इंटरलॉकिंग कार्य करवाए गए। वहीं भामाशाहों के सहयोग से मुख्य प्रवेश द्वार, वाटर डिस्पेंसर, साइकिल स्टैंड, साउंड सिस्टम और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए।
परिणाम भी श्रेष्ठ, बोर्ड परीक्षाओं में शत—प्रतिशत
विद्यालय का परीक्षा परिणाम भी लगातार उत्कृष्ट रहा है। बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण विद्यालय ने अलग पहचान बनाई है। प्रधानाचार्य मोहन सोनी अभिभावकों से निरंतर संपर्क रखकर कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देते हैं। ग्रामवासियों का कहना है कि मोहन सोनी ने अपने समर्पण और सकारात्मक सोच से यह साबित कर दिया कि ईमानदार नेतृत्व और समाज के सहयोग से किसी भी विद्यालय की तस्वीर बदली जा सकती है।