उदयपुर, 14 अप्रैल: उदयपुर के डोरे नगर स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर में श्री राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा एवं लक्ष्मी नारायण मंदिर पाटोत्सव के तहत आयोजित संगीतमय रामकथा का समापन भक्ति और उल्लास के साथ हुआ। सातवें दिन पूर्णाहुति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया, जिससे पूरा परिसर “जय श्री राम” के जयकारों से गूंज उठा।
व्यासपीठ से कथावाचक पुष्कर दास महाराज ने सत्संग, भक्ति और रामकथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चे मन से किए गए सत्कर्म ही जीवन को सफल बनाते हैं। उन्होंने शबरी प्रसंग, नवधा भक्ति, राम-सुग्रीव मित्रता और सुंदरकांड की व्याख्या करते हुए आध्यात्मिक संदेश दिए।
पूर्णाहुति के अवसर पर भंवरलाल सुथार ने परिवार सहित महाराज का साफा, शाल व उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया। संयोजक विठ्ठल वैष्णव ने कार्यक्रम की जानकारी दी, जबकि दामोदर सैनी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।