छप्पन भोग बना आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का संगम

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हरि गौशाला में 108 गौशालाओं की श्रृंखला के तहत भव्य आयोजन
उदयपुर, 11 अप्रैल: गुरु कमल चंद्र रोशन गोसेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में रघुनाथपुरा स्थित हरि गौशाला में 108 गौशालाओं में चल रही छप्पन भोग श्रृंखला के तहत दूसरा भव्य आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों ने भाग लेकर सेवा और समर्पण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
गौ सेवा को बताया सामाजिक जिम्मेदारी
मुख्य वक्ता डॉ. श्याम एस. सिंघवी ने कहा कि छप्पन भोग केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने गौ सेवा के प्रति बढ़ती जागरूकता को सराहनीय बताते हुए इसे भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया।
सेवा और समर्पण का संदेश
मुख्य अतिथि ताराचंद जैन ने कहा कि जहां सामान्यतः भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए जाते हैं, वहीं गौ माता को यह अर्पण सेवा और संवेदना का प्रतीक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने करते हुए इसे श्रद्धा, सेवा और संवेदना का त्रिवेणी संगम बताया।
गौ संरक्षण के लिए जागरूकता पर जोर
ट्रस्ट संस्थापक संजय जैन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य गौ संरक्षण और गौ हत्या रोकने के प्रति जागरूकता फैलाना है। कार्यक्रम में सुबह से तैयार छप्पन भोग शाम को गौ माता को अर्पित किया गया। अंत में ट्रस्ट अध्यक्ष मुकेश जैन ने सभी का आभार जताया।