हेरिटेज के साथ हाईटेक सुविधाएं, स्मार्ट प्लान से बढ़ेगा टूरिज्म और रोजगार
चित्तौड़गढ़, 27 अप्रैल: मेवाड़ की शौर्यगाथा के प्रतीक चित्तौड़गढ़ दुर्ग को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के साथ मिलकर ‘विजन-2047’ तैयार किया है, जिसमें ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा।
योजना के तहत दुर्ग पर स्मार्ट पार्किंग, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए करीब 50 लाख रुपए खर्च होंगे। साथ ही 25 लाख रुपए से मोबाइल नेटवर्क मजबूत किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को कनेक्टिविटी की समस्या न हो। दुर्ग मार्गों पर बहुभाषीय साइनेज लगाए जाएंगे, जिससे विदेशी पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।
पिछले दशक में यहां पर्यटकों की संख्या 3.43 लाख से बढ़कर 8.92 लाख तक पहुंच गई है, हालांकि विदेशी सैलानियों की संख्या कम होने से वैश्विक पहचान प्रभावित हो रही है। इसे बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक संध्याएं, फोर्ट फेस्टिवल, अश्व मेला और हाट बाजार जैसे आयोजन किए जाएंगे।
योजना में सौंदर्यीकरण, मार्ग सुदृढ़ीकरण और दुर्ग की दीवारों पर जौहर व शौर्य को दर्शाने वाले भित्ति चित्र भी शामिल हैं। प्रशासन का लक्ष्य 2047 तक चित्तौड़गढ़ को विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करना है, जिससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।