निकाय चुनाव: नाम वापसी से पहले बागियों पर डोरे, भाजपा ने दिया जीत का मंत्र

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80 वार्डों में सियासी सरगर्मी तेज, कांग्रेस ने 22 बागी दावेदारों को मनाने के लिए बनाई विशेष कमेटी; प्रत्याशियों ने संभाला चुनावी मोर्चा
उदयपुर, 2 सितंबर:
नगर निगम चुनाव में नामांकन वापसी की समय सीमा नजदीक आते ही भाजपा और कांग्रेस ने बागियों को मनाने की कवायद तेज कर दी है। बुधवार को दोनों दलों के वरिष्ठ नेता दिनभर रूठे दावेदारों से संपर्क साधते रहे। टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं को पार्टी हित में नामांकन वापस लेने और भविष्य में राजनीतिक अवसर देने का भरोसा दिलाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अधिकृत प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार को गति देते हुए वार्डों में जनसंपर्क शुरू कर दिया है।
भाजपा ने चेतक सर्कल स्थित पार्टी कार्यालय में सभी 80 वार्डों के अधिकृत प्रत्याशियों की बैठक बुलाई। इसमें महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व सांसद कनकमाल कटारा, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और जिला प्रभारी हरीश पाटीदार सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने प्रत्याशियों को बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और अधिक से अधिक मतदाताओं से सीधे संपर्क का मंत्र दिया।
कांग्रेस ने बनाई विशेष कमेटी
कांग्रेस ने टिकट से वंचित होकर निर्दलीय नामांकन भरने वाले 22 बागी दावेदारों को मनाने के लिए पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया की अध्यक्षता में विशेष कमेटी बनाई है। कमेटी वरिष्ठ नेताओं के साथ बागियों से मुलाकात कर नामांकन वापस लेने की समझाइश कर रही है। उदयपुर के 80 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया में 845 प्रत्याशियों ने 931 पर्चे दाखिल किए थे। नाम वापसी की अंतिम तिथि 3 सितंबर दोपहर 3 बजे है। इसके बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। दोनों दलों के प्रत्याशियों ने अपने चुनाव कार्यालय शुरू कर सघन जनसंपर्क भी तेज कर दिया है।

भाजपा के बागी यशवंत सांवरिया ने दिया इस्तीफा, चुनाव मैदान में डटे

नाम वापसी से पहले बागियों को मनाने में जुटे दोनों दल, वार्डों में प्रत्याशियों का डोर-टू-डोर प्रचार शुरू
उदयपुर, 2 सितंबर:
नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब भाजपा-कांग्रेस का पूरा फोकस बागियों को मनाने और प्रत्याशियों के प्रचार पर है। उदयपुर में 27 से 31 अगस्त तक 845 प्रत्याशियों ने 931 नामांकन दाखिल किए थे। जांच में 74 नामांकन निरस्त हुए, लेकिन इनमें किसी प्रमुख पार्टी का प्रत्याशी शामिल नहीं है। नाम वापसी की अंतिम तिथि 3 सितंबर दोपहर 3 बजे है।
भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बागी प्रत्याशियों से संपर्क कर उन्हें नाम वापस लेने के लिए समझा रहे हैं। भाजपा ने सभी 80 वार्डों के प्रत्याशियों की बैठक लेकर डोर-टू-डोर जनसंपर्क पर जोर दिया। जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने प्रत्याशियों को सुबह-शाम मतदाताओं से सीधे संवाद करने का मंत्र दिया।
कांग्रेस में वार्ड 54 के दावेदार देवेंद्र माली और हार्दिक चोर्डिया ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर पार्टी की चिंता बढ़ाई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने कहा कि बागियों से संपर्क कर समझाइश के प्रयास जारी हैं।
वार्ड 60 में पूर्व पार्षद कमलेश मेहता ने पत्नी खुशबू को निर्दलीय मैदान में उतारा है। वहीं वार्ड 12 से भाजपा के बागी यशवंत सांवरिया ने इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।