सीएमएचओ रात में निकले निरीक्षण पर, अव्यवस्था पर निजी क्लीनिक सील

Share
                                                                                                                                                                                                                                                                                                            

गढ़ी, अरथूना, आनंदपुरी और परतापुर अस्पतालों का किया दौरा
बांसवाड़ा, 16 अक्टूबर(विजन 360 न्यूज डेस्क): मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ बुधवार रात जिले के अस्पतालों की व्यवस्थाएं परखने के लिए निरीक्षण पर निकले। इस दौरान अव्यवस्था मिलने पर पर एक निजी क्लीनिक सील कर दिया गया।
सीएमएचओ ने पहले आनंदपुरी क्षेत्र का दौरा किया। जहां कागलिया मोड पर बिना नाम के संचालित एक निजी क्लीनिक में अव्यवस्थाएं मिलने पर उसे मौके पर ही सील कर दिया। संचालक को तीन दिन में दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर नियम अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद डॉ. राठौड़ ने अरथूना, गढ़ी और रात 9.30 बजे परतापुर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी चार्ट का मिलान किया। मरीजों से बातचीत कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली और लेबर रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राहुल डिंडोर, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पी.के. वर्मा और लोकेश शर्मा साथ रहे।
घर-घर जाकर लिया जायजा
गुरुवार को स्वास्थ्य दिवस पर डॉ. राठौड़ ने शहर में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिला शिशु एवं प्रजनन अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार भाबोर ने स्वास्थ्य दिवस चेकलिस्ट के अनुसार जांच की और आमजन से स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया। जिला अस्पताल में रामाश्रय वार्ड का निरीक्षण किया।
बांसवाड़ा में झोलाछाप-डॉक्टर के इलाज से युवक की तबीयत बिगड़ी
बांसवाड़ा में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक युवक की तबीयत बिगड़ गई थी। मामला जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के रिछवानी गांव का है। इलाज के बाद मनीष की तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर देर रात उसे बांसवाड़ा के जिला अस्पताल महात्मा गांधी हॉस्पिटल में रेफर किया गया। परिजनों ने बताया कि मनीष को सर्दी, जुकाम और बुखार था। इस पर उसे पास के ही एक बंगाली डॉक्टर के क्लिनिक पर ले गए थे।
इंजेक्शन देते ही बिगड़ने लगी तबीयत
परिजनों ने बताया कि बंगाली डॉक्टर ने मनीष का चेकअप कर उसे दवाई और इंजेक्शन दी थी। इसके कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर क्लीनिक संचालक घबरा गया और उसे कुशलगढ़ अस्पताल लेकर पहुंचा। देर रात उसकी हालत हो देखते हुए करीब रात 12 बजे उसे बांसवाड़ा रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि मनीष को कौनसी दवाई और इंजेक्शन दिया था, जिसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।