कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सोलंकी का अभिनंदन

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पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान में देरी पर पेंशनर्स ने जताया रोष, स्थायी समाधान की मांग
उदयपुर, 9 जून:
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी की मासिक बैठक में राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सोलंकी का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने लंबित पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की।
ग्रेच्युटी भुगतान में देरी पर नाराजगी
प्रसार शिक्षा निदेशालय सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता डॉ. एस.के. भटनागर ने की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के 116 पेंशनर्स की ग्रेच्युटी का भुगतान जुलाई 2023 से लंबित है। राजस्थान लेखा नियमों के अनुसार सेवानिवृत्ति के दो माह के भीतर ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाना चाहिए, अन्यथा ब्याज सहित भुगतान की जिम्मेदारी नियोक्ता की होती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास 105 करोड़ रुपये से अधिक की सावधि जमा (एफडी) होने के बावजूद भुगतान लंबित रहने से पेंशनर्स में असंतोष है।
समस्याओं के समाधान के लिए बनेगी रणनीति
पूर्व कुलपति विशेषाधिकारी डॉ. सुभाष भागर्व और पूर्व अनुसंधान निदेशक डॉ. जी.एस. आमेटा ने समय पर पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय प्रशासन से मुलाकात करेगा।
सरकार से होगी उच्चस्तरीय वार्ता
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राजस्थान के पांच कृषि विश्वविद्यालयों में करीब 28 वर्षों से पेंशन व्यवस्था लागू है, लेकिन भुगतान की समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि महासंघ जल्द ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा तथा मुख्य सचिव से मुलाकात कर पेंशनर्स की समस्याओं के स्थायी समाधान और नियमित भुगतान की मांग करेगा।