महिला आरक्षण और सीट वृद्धि के विरोध को बताया कांग्रेस का असली चेहरा
राजसमंद, 19 अप्रैल: राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने कांग्रेस पर अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस वंचित वर्गों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने से घबराती है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण और लोकसभा-विधानसभा सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव का विरोध कांग्रेस की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।त्र
माहेश्वरी ने कहा कि महिला आरक्षण के साथ लोकसभा और विधानसभा सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था। इससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के प्रतिनिधित्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती, जिससे इन वर्गों की भागीदारी और अधिक सशक्त बनती। लेकिन कांग्रेस ने इस पहल का विरोध कर यह साबित कर दिया कि वह वंचित वर्गों को मजबूत होते नहीं देखना चाहती।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का महिला और वंचित वर्ग विरोधी रवैया अब पूरी तरह उजागर हो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मिथ्या प्रचार कर रहा है, जो उसकी हताशा और कुंठा का परिचायक है।
माहेश्वरी ने कहा कि देश की जनता अब समझ चुकी है कि कुछ विदेशी शक्तियां और उनके समर्थक भारत की प्रगति को बाधित करने के लिए भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। इससे भारत एक समावेशी और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।
विधायक ने विश्वास जताया कि भाजपा सरकार की नीतियां समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाकर लोकतंत्र को और मजबूत करेंगी तथा विकास की मुख्यधारा में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करेंगी।