नाथद्वारा में मांस-मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग, बोले- श्रीनाथजी की आस्था को व्यावसायिक मॉडल से न जोड़ें
उदयपुर/नाथद्वारा, 11 जुलाई: राष्ट्रीय हिन्दू शक्ति संगठन ने विश्वविख्यात वैष्णव तीर्थ नाथद्वारा को ‘पवित्र धार्मिक नगरी’ घोषित करने और नगर सीमा में मांस, मछली, अंडा एवं मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि सरकार पर्यटन एवं विकास के लिए प्रस्तावित टेम्पल बॉण्ड से धन जुटाने से पहले नाथद्वारा की धार्मिक पवित्रता और वैष्णव परंपरा के संरक्षण को प्राथमिकता दे।
संगठन के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि जिस प्रभु श्रीनाथजी की विश्वव्यापी आस्था और धार्मिक पहचान के आधार पर सरकार पर्यटन विकास की योजना बना रही है, उसी नगरी की सात्विक और धार्मिक आत्मा की रक्षा करना उसकी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा की पहचान केवल आर्थिक संसाधन जुटाने का माध्यम नहीं बन सकती।
सोलंकी ने कहा कि प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीनाथजी के दर्शन के लिए नाथद्वारा पहुंचते हैं। ऐसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र में मांस और मदिरा की खुलेआम बिक्री से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने कहा कि पुष्कर, हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, तिरुपति और पालिताना जैसे धार्मिक नगरों की तरह नाथद्वारा को भी ‘पवित्र धार्मिक नगरी’ का दर्जा देकर उसकी धार्मिक मर्यादा को विशेष संरक्षण दिया जाना चाहिए।