600 से अधिक सीए जुटे
उदयपुर, 13 जून : झीलों की नगरी उदयपुर में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की उदयपुर शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय “नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डायरेक्ट टैक्स-2026 चरैवेति” का सफल समापन हुआ। रामी रॉयल रिसॉर्ट में आयोजित सम्मेलन में देशभर से 600 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया और नए आयकर अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन किया।
ट्रस्ट टैक्सेशन और सर्च-सीजर पर चर्चा
अंतिम दिन के प्रथम सत्र में इंदौर के सीए मनीष डाफरिया ने चैरिटेबल ट्रस्ट टैक्सेशन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नए आयकर अधिनियम में ट्रस्ट संबंधी प्रावधानों को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, शिक्षा, योग और सामाजिक कल्याण जैसी गतिविधियां भी चैरिटी के दायरे में आती हैं।
द्वितीय सत्र में सीसीएम मुंबई के सीए विष्णु अग्रवाल ने सर्च एवं सीजर की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने सर्च और सर्वे के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए करदाताओं को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
पूंजीगत लाभ कराधान पर विशेष फोकस
अंतिम सत्र में एडवोकेट सीए पंकज सरावगी ने नए अधिनियम के तहत पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) में टैक्स प्लानिंग की संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। आईसीएआई उदयपुर शाखा अध्यक्ष सीए चिराग धर्मावत ने कहा कि सम्मेलन केवल ज्ञान-विनिमय का मंच नहीं, बल्कि बदलते कर कानूनों के अनुरूप पेशेवरों को तैयार करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। समापन अवसर पर आयोजन से जुड़े विभिन्न समन्वयकों और सदस्यों का विशेष सम्मान भी किया गया।