सांसद डॉ. मन्नालाल रावत बोले- जनजातीय अंचल अब भी रेल संपर्क से वंचित, सर्वे कराए केंद्र सरकार
उदयपुर, 3 अगस्त: उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने सोमवार को लोकसभा में उदयपुर और दक्षिण राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए चार नए रेल मार्गों का सर्वे कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई दुर्गम हिस्से आज भी रेल संपर्क से वंचित हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक विकास प्रभावित हो रहा है।
नियम 377 के तहत मामला उठाते हुए सांसद डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और उदयपुर क्षेत्र को भी नई रेल सुविधाएं मिली हैं। इसके बावजूद दक्षिण राजस्थान का जनजातीय एवं पहाड़ी क्षेत्र अभी भी पर्याप्त रेल संपर्क से दूर है।
उन्होंने केंद्र सरकार से चार प्रस्तावित रेल मार्गों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराने का आग्रह किया। इनमें उदयपुर–पिंडवाड़ा–आबूरोड रेल लाइन शामिल है, जिससे गुजरात के कांडला बंदरगाह तक बेहतर संपर्क स्थापित होकर उद्योग और व्यापार को गति मिलेगी। उदयपुर–गोगुंदा–सायरा–फालना रेल मार्ग से मारवाड़ और गुजरात के बीच सीधा रेल संपर्क संभव होगा।
इसके अलावा उदयपुर (जयसमंद रोड)–प्रतापगढ़ रेल मार्ग से जनजातीय क्षेत्रों को रेल सुविधा मिलने तथा बड़ी सादड़ी–बांसवाड़ा रेल मार्ग से दक्षिण राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर रेल संपर्क स्थापित होने की बात कही।
सांसद ने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए इन रेल परियोजनाओं का सर्वे प्राथमिकता से कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से दक्षिण राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी तथा पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।