पिछोला-फतहसागर को भरने आएगा काम
उदयपुर, 26 सितम्बर: उदयपुर की बढ़ती पेयजल जरूरतों और झीलों के जलस्तर को बनाए रखने की दिशा में देवास-तृतीय और देवास-चतुर्थ परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। दोनों परियोजनाएं पूरी होने के बाद उदयपुर शहर को प्रतिवर्ष करीब 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे शहर की दीर्घकालीन जल सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
देवास परियोजना की शुरुआत वर्ष 1974 में देवास प्रथम से हुई थी। वर्ष 2015 में देवास द्वितीय के तहत आकोदड़ा बांध और सुरंग प्रणाली तैयार हुई, जिससे पानी पिछोला झील तक पहुंचाने की व्यवस्था बनी। अब देवास-3 और 4 इसी व्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं।
देवास-4 के तहत गोगुंदा तहसील के अंबावा गांव के पास 390 एमसीएफटी क्षमता का बांध और 4.15 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जा रही है। देवास-3 के तहत नाथियाथल के पास 703 एमसीएफटी क्षमता का बांध तथा 10.50 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण प्रस्तावित है। इसके जरिए पानी आकोदड़ा बांध तक पहुंचाया जाएगा।
परियोजना से पेयजल के साथ पिछोला और फतहसागर के जलस्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी। झीलों में पानी रहने से पर्यटन और इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी संबल मिलने की संभावना है। परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं मूलभूत सुविधाओं के विकास की कार्रवाई भी की जा रही है।