‘ब्रोंकोस्कोपी इन ट्यूबरकुलोसिस’ विषय पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा में रहे आमंत्रित पैनलिस्ट
उदयपुर, 11 जुलाई: गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), उदयपुर के श्वसन रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. ऋषि कुमार शर्मा ने ब्रोंकोकॉन पुणे-2026 में आयोजित ‘ब्रोंकोस्कोपी इन ट्यूबरकुलोसिस’ विषयक विशेषज्ञ पैनल चर्चा में आमंत्रित पैनलिस्ट के रूप में भाग लेकर संस्थान को गौरवान्वित किया।
वैज्ञानिक चर्चा के दौरान संदिग्ध क्षय रोग (टीबी) के मरीजों के मूल्यांकन में ब्रोंकोस्कोपी की बढ़ती भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा की गई, जिनमें सामान्य जांचों से रोग का स्पष्ट निदान संभव नहीं हो पाता। देशभर से आए विशेषज्ञों ने टीबी के सटीक और समयबद्ध निदान के लिए आधुनिक ब्रोंकोस्कोपी तकनीकों के महत्व पर अपने अनुभव साझा किए।
डॉ. शर्मा ने कहा कि ब्रोंकोस्कोपी संदिग्ध टीबी रोगियों के शीघ्र और सटीक निदान के साथ-साथ टीबी से उत्पन्न जटिल एवं जानलेवा वायुमार्ग संबंधी समस्याओं के उपचार में भी बेहद प्रभावी है। उन्होंने बताया कि समय पर ब्रोंकोस्कोपी से मरीजों का उपचार जल्दी शुरू किया जा सकता है, जिससे उनके तेजी से स्वस्थ होने की संभावना बढ़ती है और कई गंभीर मामलों में यह जीवनरक्षक साबित होती है।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय मंच पर सहभागिता जीएमसीएच की शैक्षणिक, अनुसंधान और श्वसन रोगों के क्षेत्र में बढ़ती विशेषज्ञता का प्रमाण है।