इनामी बदमाश गिरफ्तार, भाभी के नाम खरीदा था एक करोड़ का होटल
उदयपुर, 11 सितम्बर
प्रतापगढ़ पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पीपलखूंट थाना क्षेत्र में एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। पुलिस ने मौके से 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश जमशेद उर्फ जम्मू खान निवासी देवल्दी (प्रतापगढ़) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 50 करोड़ रुपए की ड्रग्स और निर्माण सामग्री बरामद की गई।
एसपी बी. आदित्य ने बताया कि AGTF जयपुर को सूचना मिली थी कि टांडा बड़ा सरहद बोरी मोजल गांव स्थित ईश्वर मीणा के मकान में एमडी बनाई जा रही है। बुधवार रात AGTF, धोलापानी, पीपलखूंट और सौंखपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर दबिश दी। यहां से जमशेद को पकड़ा गया, जो 2024 में देवल्दी और 2025 में सुहागपुरा के जंगल में पकड़ी गई एमडी फैक्ट्रियों में भी शामिल था और तब से फरार चल रहा था।
फैक्ट्री से भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त
पुलिस ने सर्च के दौरान 70 किलो 720 ग्राम लिक्विड केमिकल और 17 किलो 300 ग्राम तैयार एमडी जब्त की। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके अलावा स्टील के दो बड़े बर्तन, दही बिलौने की मशीन, हीटर और बाइक भी बरामद की गई।
ड्रग्स की कमाई से खरीदा होटल
जमशेद और उसके भाई याकूब ने ड्रग्स की कमाई से मध्यप्रदेश के जावरा में एक करोड़ रुपए का होटल खरीदा था। ‘फातिमा गेस्ट हाउस’ नाम की यह संपत्ति याकूब की पत्नी फातिमा के नाम पर दर्ज है। पुलिस ने इसे 28 अगस्त 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत सील कर दिया था। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
उदयपुर में पकड़ा था 3000 करोड़ का ड्रग रैकेट, 10 साल की सुनाई गई सजा
उदयपुर के कलड़वास में 2016 में 3000 करोड़ रुपए का ड्रग रैकेट पकड़ा गया था। मामले में 9 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला 26 मई 2025 को सुनाया था। एडीजे-1 कोर्ट ने 6 आरोपियों रवि दूदानी, परमेश्वर व्यास, अनिल मलकानी, संजय आर. पटेल, निर्मल दूदानी और गुंजन दूदानी को 20-20 साल कठोर कैद व 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा दी। जबकि, आरोपी अतुल महात्रे को स्वास्थ्य कारणों से 10 साल कैद और 1 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। इस केस में कुल 8 आरोपी थे। निर्णय से तीन साल पहले मुख्य आरोपी सुभाष दूदानी की मौत हो चुकी थी। बाकी 7 के खिलाफ ट्रायल चला।
इस केस में 23,500 किलो एमडी ड्रग्स बरामद हुई थी, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3000 करोड़ आंकी गई थी। रैकेट मुंबई से ऑपरेट होता था और कलड़वास व राजसमंद के धोईंदा में फैक्ट्री व गोदाम बनाए गए थे। सप्लाई दक्षिण अफ्रीका व इंडोनेशिया तक होती थी। मजबूत पैरवी, 50 गवाहों और 1000 से अधिक दस्तावेजों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ। यह अब तक की एमडी ड्रग्स की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जाती है।