श्रावण मास के हिंडोलना मनोरथ में सजा प्रभु का मनोहारी स्वरूप, संध्या आरती में गूंजे जय श्री कृष्ण के जयकारे
फतेहनगर, 12 अगस्त: श्रावण मास के अवसर पर कस्बे के प्रसिद्ध श्री द्वारकाधीश मंदिर में चल रहे हिंडोलना मनोरथ उत्सव में मंगलवार को भक्ति और सौंदर्य का अनूठा संगम देखने को मिला। ठाकुरजी को गुलाबी छटा से सजे आकर्षक हिंडोले में विराजित किया गया। प्रभु के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। संध्या आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा।
लहरिया-बांधनी वस्त्रों से सजा हिंडोला
मनोरथ के तहत भगवान द्वारकाधीश को गुलाबी रंग के लहरिया एवं बांधनी प्रिंट के वस्त्र तथा गोटा-पट्टी से सुसज्जित भव्य हिंडोले में विराजित किया गया। प्रभु ने गुलाबी पोशाक धारण की। पीली एवं लाल पुष्प मालाओं से किया गया श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। हिंडोले की पृष्ठभूमि में काले वस्त्र पर सुनहरी और चांदी की गायों की कतारबद्ध आकृतियों से की गई कलात्मक सजावट ने मनोरथ की शोभा बढ़ाई।
सखियों की प्रतिमाओं ने बढ़ाई शोभा
हिंडोले के दोनों ओर गुलाबी और पीले परिधानों में सजी सखियों की प्रतिमाएं चंवर डुलाते हुए प्रभु की सेवा करती दिखाई दीं। गुलाबी वस्त्रों से सुसज्जित स्तंभों तथा अग्रभाग में सुंदर कालीन पर रखी मोर और हाथी की धातु प्रतिमाओं ने मनोरथ को और आकर्षक बना दिया।
रोज बदल रहा प्रभु का स्वरूप
मंदिर के पुजारी सत्यनारायण पालीवाल एवं कमल पालीवाल ने बताया कि श्रावण मास में प्रतिदिन भगवान श्री द्वारकाधीश को अलग-अलग भाव, रंग और प्राकृतिक वस्तुओं से तैयार हिंडोलों में विराजित कर मनोरथ कराया जा रहा है। मंगलवार को गुलाबी छटा के मनोरथ में श्रद्धालुओं ने प्रभु के मनोहारी स्वरूप के दर्शन किए और आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।
आरती में उमड़ा भक्ति भाव
संध्या आरती के समय मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई। आरती के दौरान भक्तों ने जय श्री कृष्ण के जयकारे लगाए। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।