विद्या भवन के गौरवशाली अतीत पर बनेगा बेहतर भविष्य : प्रो. देवनानी
उदयपुर, 9 मई: उदयपुर के विद्या भवन ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कृष्ट विद्यार्थी सम्मान समारोह में विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि शिक्षा मनुष्य को अज्ञान, भय, दुर्बलता और सीमाओं से मुक्त करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात कर बेहतर भविष्य निर्माण का आह्वान किया।
समारोह में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, विद्या भवन समिति अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र तायलिया और अन्य गणमान्य मौजूद रहे। प्रो. देवनानी ने कहा कि अंग्रेजी शासनकाल में दक्षिणी राजस्थान में शिक्षा का अभाव था, तब स्व. मोहन सिंह मेहता और स्व. जनार्दन राय नागर ने विद्या भवन और राजस्थान विद्यापीठ जैसी संस्थाओं की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगाई।
उन्होंने कहा कि विद्या भवन का गौरवशाली अतीत आज भी प्रेरणा देता है और वर्तमान कार्यकारिणी समयानुकूल बदलावों के साथ संस्थान को नई दिशा दे रही है।
विद्यार्थियों को समझाया “पांच डी” का महत्व
प्रो. देवनानी ने विद्यार्थियों को डेकोरम, डिसिप्लिन, डिवोशन, डिटरमिनेशन और डेवलपमेंट का महत्व बताते हुए जीवन में लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि एआई केवल सूचना दे सकता है, लेकिन संवेदनाएं और चरित्र मनुष्य ही विकसित कर सकता है।