उपभोक्ताओं को राशन नहीं देने और स्टॉक गायब मिलने पर रसद विभाग की सख्त कार्रवाई, लाइसेंस पहले ही हो चुके थे निरस्त
चित्तौड़गढ़, 11 जुलाई: चित्तौड़गढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरकारी गेहूं के गबन के दो मामलों में रसद विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए शंभूपुरा थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज करवाई हैं। दोनों मामलों में कुल 473.47 क्विंटल (47,347 किलो) सरकारी गेहूं के गबन का आरोप है।
पहला मामला चिकसी गांव की उचित मूल्य दुकान का है, जहां जांच के दौरान 232.95 क्विंटल गेहूं गायब मिला। विभागीय जांच में सामने आया कि राशन डीलर गौरव सरगरा उपभोक्ताओं से ई-पीओएस मशीन पर अंगूठे लगवा लेता था, लेकिन उन्हें राशन नहीं देता था। निरीक्षण के दौरान दुकान बंद मिली और डीलर का मोबाइल भी बंद था।
दूसरा मामला गिलूंड गांव की उचित मूल्य दुकान का है। यहां पीओएस मशीन में 25,436 किलो गेहूं दर्ज था, जबकि मौके पर केवल 1,384 किलो गेहूं मिला। इस प्रकार 240.52 क्विंटल गेहूं का स्टॉक गायब पाया गया। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि दुकान महीने में केवल दो-तीन दिन ही खुलती थी, जिससे समय पर राशन नहीं मिल रहा था।
रसद विभाग ने अनियमितताएं मिलने पर दोनों दुकानों को पहले निलंबित किया, फिर नोटिस जारी कर जवाब मांगा और बाद में लाइसेंस निरस्त कर दिए। सरकारी गेहूं वापस जमा कराने का अवसर देने के बावजूद स्टॉक जमा नहीं कराया गया। इसके बाद प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी ने दोनों डीलरों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2015 के तहत शंभूपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। अब पूरे मामले की पुलिस जांच करेगी।