11 प्रमुख मार्गों पर सुबह 7 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित
जिला मजिस्ट्रेट ने जारी की अधिसूचना
उदयपुर, 28 अक्टूबर। जिला प्रशासन ने शहर की आंतरिक सड़कों पर लगातार लग रहे जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, उदयपुर शहर के 11 प्रमुख चिन्हित स्थानों पर सुबह 7 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक 10,000 किलोग्राम (10 टन) से अधिक सकल वाहन वजन वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों के प्रवेश और आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 28 अक्टूबर 2026 से ही प्रभावी हो गया है और आगामी एक महीने की अवधि तक लागू रहेगा।
इसलिए लिया गया यह फैसला
प्रशासन के अनुसार, शहर के आंतरिक मार्ग बेहद व्यस्त हैं और इनके दोनों ओर घनी आवासीय कॉलोनियां, बड़े अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और व्यापारिक बाजार स्थित हैं। इन सड़कों पर लगातार ट्रक, डम्पर और ट्रेलर जैसे भारी वाहनों के प्रवेश करने से हर समय ट्रैफिक जाम और गंभीर सड़क हादसों का खतरा बना रहता था। इसके अलावा आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए कानून-व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए मोटर वाहन अधिनियम 1988 और राजस्थान मोटर यान नियम 1990 के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है।
इन 11 प्रमुख मार्गों पर रहेगा नो-एंट्री का पहरा
ट्रांसपोर्ट नगर से प्रतापनगर चौराहा की तरफ और शहर की ओर आने वाले मार्ग पर।
बलीचा चौराहा, प्रतापनगर चौराहा, चित्रकूटनगर से भुवाणा चौराहा तक।
रामपुरा चौराहा से सुभाष चौराहा की तरफ आने वाले रास्ते पर।
भुवाणा चौराहा से भुवाणा गांव, सेलिब्रेशन मॉल, आरके सर्कल होते हुए शहर की तरफ।
बेदला से साइफन तिराहा होते हुए फतहपुरा चौराहा शहर की तरफ।
सुखेर घाटी से सापेटिया होते हुए बेदला लाल बोट तिराहा तक।
एकलिंगपुरा चौराहा से हिरण मगरी की तरफ आने वाले मुख्य मार्ग पर।
लेबर चौराहा सविना से खेडा सर्कल की ओर जाने वाली सड़क पर।
चुंगी नाका गोवर्धन विलास से उदयपुर शहर एवं सीए सर्कल की ओर।
संत टेरेसा स्कूल नेला तालाब से सीए सर्कल और खेडा सर्कल की ओर।
नया आरटीओ से कालका माता रोड एवं यूनिवर्सिटी रोड की ओर।
विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी छूट
प्रतिबंधित अवधि (सुबह 7 से रात 10 बजे) के दौरान ट्रक, ट्रेलर और भारी मालवाहक वाहनों का संचालन पूरी तरह वर्जित रहेगा। हालांकि, किसी विशेष या आपातकालीन परिस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही इन मार्गों पर आवागमन की छूट मिल सकेगी। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकरण को इन सभी चिन्हित स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में यातायात संकेत बोर्ड लगाने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।