30 नवंबर तक चलेगी प्रदर्शनी, जनजातीय वस्त्र, कढ़ाई और मांडणा कला के साथ समकालीन रचनाएं भी प्रदर्शित
उदयपुर, 14 अक्टूबर: सिटी पैलेस म्यूजियम के छोटा दरीखाना में बुधवार से महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से ‘थ्रेड्स ऑफ हर लाइफ’ (उनके जीवन की डोर) प्रदर्शनी शुरू हुई। 30 नवंबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में मेवाड़ की जनजातीय महिलाओं की पारंपरिक कलाओं और समकालीन महिला कलाकारों की कृतियों को प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में जनजातीय वस्त्रों, कढ़ाई और मांडणा कला के जरिए महिलाओं के दैनिक जीवन, रीति-रिवाजों, प्रकृति से जुड़ाव और सामुदायिक ज्ञान को दर्शाया गया है। ‘शिक्षांतर’ और ‘कमली ट्राइब’ के प्रयास पारंपरिक कौशल को नए अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं प्रस्तुत करते हैं। डिम्पल चंडात और चंद्रिका परमार की कृतियां मांडणा कला का समकालीन रूप दिखाती हैं, जबकि तान्या शर्मा की रचनाएं आधुनिक स्त्री की पहचान और आकांक्षाओं तथा सीप चपलोत की कृतियां उदयपुर और पिछोला झील के संदर्भ में महिलाओं के शहरी अनुभवों को अभिव्यक्त करती हैं।
मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि प्रदर्शनी महिलाओं की सृजनशीलता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उनके योगदान को सम्मानित करती है। फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य महिलाओं के अनुभवों और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को कला के माध्यम से सामने लाना है।