नए आयकर कानून पर देशभर के विशेषज्ञों का मंथन

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आईसीएआई के राष्ट्रीय सम्मेलन ‘चरैवेति-2026’ में 600 से अधिक सीए, कर विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि जुटे
उदयपुर, 12 जून:
आयकर अधिनियम-2025 में प्रस्तावित बदलावों, कर निर्धारण की नई प्रक्रियाओं और बदलते कर परिदृश्य पर मंथन के लिए देशभर के 600 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकार, अधिवक्ता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उदयपुर में एकत्र हुए हैं। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की उदयपुर शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डायरेक्ट टैक्स-2026 : चरैवेति” का शुक्रवार को रामी रॉयल रिसॉर्ट में शुभारंभ हुआ।
उद्घाटन सत्र में शाखाध्यक्ष सीए चिराग धर्मावत ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रोग्राम डायरेक्टर सीए रोहित रुवाटिया एवं कन्वीनर सीए हितेश भदादा ने सम्मेलन की रूपरेखा और संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। प्रथम तकनीकी सत्र में आईसीएआई की डायरेक्ट टैक्स कमेटी के वाइस चेयरमैन सीए पंकज शाह ने आयकर अधिनियम-2025 की प्रमुख विशेषताओं और कराधान व्यवस्था में होने वाले बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नए कानून को अधिक सरल और करदाता हितैषी बनाने का प्रयास किया गया है।
दूसरे सत्र में दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. कपिल गोयल ने असेसमेंट और री-असेसमेंट से जुड़े कानूनी पहलुओं की चर्चा की, जबकि तीसरे सत्र में सीए रवि ममोडिया ने सक्सेशन प्लानिंग और वसीयत से जुड़े कर प्रावधानों की जानकारी दी।
आज इन विषयों पर होगी चर्चा
— डायरेक्ट टैक्स से जुड़े नवीन प्रावधान
— महत्वपूर्ण केस लॉ और न्यायिक निर्णय
— कर विवादों के समाधान के उपाय
— सक्सेशन प्लानिंग और वेल्थ मैनेजमेंट
— नए आयकर कानून के व्यावहारिक पहलू