उदयपुर में भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक शुरू, 16 जिलों के प्रतिनिधि शामिल
उदयपुर, 29 जुलाई: भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक बुधवार को राजस्थान कृषि महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में शुरू हुई। बैठक में चित्तौड़ प्रांत के 16 जिलों और चार संभागों से आए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक, आंदोलनात्मक और रचनात्मक गतिविधियों पर मंथन किया।
मुख्य अतिथि आईसीएआर के अनुसंधान निदेशक डॉ. शांति कुमार शर्मा ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए मिट्टी की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इसे अपनाने का आह्वान किया। कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह धाकड़ ने किसानों से बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की अपील की।
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा ने कहा कि संगठन के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में किसानों के हित सुरक्षित रहे हैं। उन्होंने जीएम बीजों के विरोध और फसलों में अत्यधिक कीटनाशकों के उपयोग पर भी चिंता जताई। प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता ने बताया कि गुरुवार को होने वाली प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में आगामी संगठनात्मक एवं आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। बैठक में प्रांत अध्यक्ष शंकरलाल नागर, महामंत्री अंबालाल शर्मा, संगठन मंत्री परमानंद सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।