फायरकर्मी प्रीतेश परमार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

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केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट में 90 प्रतिशत झुलसे थे, विभाग ने परिजनों को दी 2 लाख की सहायता
डूंगरपुर, 27 सितंबर:
जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार का रविवार को उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा, चुंडावाड़ा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हादसे में करीब 90 प्रतिशत झुलसे प्रीतेश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। अंतिम विदाई में प्रदेशभर से पहुंचे अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सैल्यूट कर श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार में जोधपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया, उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी सहित करीब 25 अग्निशमन अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले साथी को सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में विभाग की ओर से प्रीतेश के परिजनों को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी गई। अधिकारियों ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीण नाराज
अंतिम संस्कार में डूंगरपुर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि प्रीतेश ने आमजन की सुरक्षा और ड्यूटी निभाते हुए जान गंवाई। ऐसे में अंतिम विदाई में प्रशासन की मौजूदगी होनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने कहा कि हादसे में घायल 14 अग्निशमनकर्मियों में प्रीतेश की पहली मौत हुई और वे डूंगरपुर के रहने वाले थे।