उदयपुर : महज पांच वर्ष की आयु में गौरीक लोढ़ा ने आंखों पर पट्टी बांधकर एक साथ दो खिलाड़ियों के साथ ब्लिट्ज शतरंज खेलते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाया है। इस उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि 16 अप्रैल 2026 को हुई, जब उनकी आयु केवल 5 वर्ष 8 माह 13 दिन थी। गौरीक ने बिना बिसात देखे दोनों मुकाबलों की चालें याद रखकर अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और एकाग्रता का परिचय दिया। उनकी सफलता में डॉ. पश्मीना जैन तथा प्रशिक्षक प्रवीण पारीक और निशा पारीक के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रॉकवुड्स स्कूल ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग दिया। माता-पिता सिद्धार्थ और सलोनी लोढ़ा ने इसे सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास का परिणाम बताया।