बारिश की कामना में धूमधाम से हुई मेंढक-मेंढकी की शादी

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दूल्हा बना मेंढक, लहंगे में सजी मेंढकी; ढोल-नगाड़ों के साथ निकली बारात, सात फेरे और विदाई की रस्म भी निभाई
बांसवाड़ा, 16 जुलाई:
प्रदेश में अच्छी बारिश और किसानों की खुशहाली की कामना को लेकर बांसवाड़ा में गुरुवार को अनूठी परंपरा निभाई गई। डेगली माता चौक पर मेंढक-मेंढकी का विवाह पूरे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। मेंढक को दूल्हे की तरह सजाया गया, जबकि मेंढकी को लहंगा और आभूषण पहनाकर दुल्हन का रूप दिया गया। विवाह से पहले हल्दी, मेहंदी और अन्य रस्में निभाई गईं, वहीं ढोल-नगाड़ों के साथ बाजार में बारात निकाली गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े।
क्रांतिकारी तरुण मंच और डेगली माता चौक क्षेत्र के लोगों की ओर से आयोजित इस अनूठे समारोह के लिए शहरभर में विवाह के निमंत्रण पत्र भी वितरित किए गए थे। आयोजन समिति के सतीश आचार्य ने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान और आमजन चिंतित हैं। फसलें सूख रही हैं और पेयजल संकट गहराने लगा है। ऐसी स्थिति में वर्षों पुरानी लोकमान्यता के अनुसार मेंढक-मेंढकी का विवाह कर अच्छी वर्षा की कामना की गई।
बारात डेगली माता चौक से गणेश मंदिर और आजाद चौक होते हुए वापस आयोजन स्थल पहुंची। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे कराए गए और अंत में मेंढकी की विदाई की रस्म भी निभाई गई। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं को मिठाई वितरित की गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पारंपरिक आयोजन से अच्छी वर्षा होती है और प्रकृति प्रसन्न होकर क्षेत्र में खुशहाली लाती है।