लेपर्ड से लेकर मास्टर प्लान तक: उदयपुर बैठक में सीएम सख्त, सुरक्षा और विकास पर दिए बड़े निर्देश

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लेपर्ड मूवमेंट पर तुरंत राहत के उपाय, शहर विकास के लिए दीर्घकालिक प्लान पर जोर
उदयपुर, 6 मई:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर में बढ़ते लेपर्ड मूवमेंट और शहर के समग्र विकास को लेकर अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए। जिला परिषद सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में लेपर्ड का मूवमेंट बढ़ रहा है, वहां पहले तारबंदी कर आमजन को त्वरित सुरक्षा दी जाए, उसके बाद आवश्यकतानुसार दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने जैसे स्थायी उपाय किए जाएं।
ग्रामीण इलाकों में दहशत, सुरक्षा को प्राथमिकता
उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने उपली बड़ी सहित कई गांवों में लेपर्ड हमलों का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा प्रबंध लागू किए जाएं, ताकि ग्रामीणों में फैली दहशत कम हो सके।
शहर विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और नगर निगम को 25 से 30 किलोमीटर परिधि में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उदयपुर एक प्रमुख पर्यटन शहर है, इसलिए सड़क, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से किया जाए।
ट्रॉमा सेंटर, अस्पताल विस्तार और पेयजल पर फोकस
बैठक में बलीचा क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर बनाने और एमबी अस्पताल के विस्तार का मुद्दा भी उठा। शहर विधायक ताराचंद जैन ने पशु चिकित्सालय शिफ्ट करने का सुझाव दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया। साथ ही, देवास परियोजना को शीघ्र पूरा करने, सीवरेज और पाइपलाइन कार्य बारिश से पहले निपटाने तथा शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ट्रैफिक और स्वच्छता सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने फतेहपुरा चौराहे पर एआई आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की सराहना करते हुए इसे अन्य चौराहों पर लागू करने को कहा। साथ ही, स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम को विशेष कार्ययोजना बनाने और जनसहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका और प्रशासनिक जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि लोकसेवक जनता के प्रति जवाबदेह हैं और विकास योजनाओं में जनप्रतिनिधियों के सुझाव अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएं। ग्राम रथ यात्रा के माध्यम से आमजन से संवाद बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक उदयपुर का निर्माण है। बैठक में राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद सीपी जोशी, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, शांता देवी, प्रताप गमेती, जिला प्रभारी सचिव टी रविकांत, पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
वकीलों ने सीएम के सामने उठाया हाईकोर्ट बेंच और सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा
बैठक के दौरान वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने उदयपुर में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग उठाई। वहीं मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला परिषद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, आमजन की आवाजाही पर रोक लगाई गई और कई मार्गों को डायवर्ट किया गया। इस बैठक में जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद सीपी जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का पहला लक्ष्य जनता की सुरक्षा और विकास कार्यों की गति बनाए रखना है।