उदयपुर, 2 जून: श्री स्वामी चतुर्भुज हनुमान धाम, इंद्रप्रस्थ हरिदास जी की मगरी में मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ फल महोत्सव मनाया गया। महंत इंद्रदेव दास ने बताया कि प्रातःकाल हनुमानजी का पंचामृत एवं विभिन्न सरोवरों के जल से महामस्तकाभिषेक कर भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद अनवरत जनकल्याणी सुंदरकांड के 1947वें पाठ का हवनात्मक समापन हुआ। शाम को भक्तों द्वारा लाए गए आम, लीची, केला, बेल, तरबूज, खरबूजा सहित विभिन्न फलों और स्वदेशी पेय पदार्थों का नैवेद्य अर्पित किया गया। फलों से आकर्षक झांकी सजाकर मात्र तीन बाती से महाआरती की गई तथा प्रसाद वितरित किया गया। महंत ने बताया कि गर्मी के मौसम में श्रीनाथजी मंदिर की परंपरा के अनुरूप प्रभु को ताप से बचाने के लिए आरती की बातियों में कटौती की जाती है।