उदयपुर, 21 मार्च: झीलों की नगरी उदयपुर में गणगौर महोत्सव की रंगारंग शुरुआत शनिवार से हो गई। शहर में निकली पारंपरिक सवारी और पिछोला झील किनारे हो रहे आयोजनों ने देशी-विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित किया। महिलाएं सज-धजकर ईसर-पार्वती की प्रतिमाएं लेकर गणगौर घाट पहुंच रही हैं, जहां पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक रस्में निभाई जा रही हैं।
जगदीश चौक से गणगौर घाट तक निकली सवारी में लोक कलाकारों ने कच्छी घोड़ी, गेर और अन्य लोक नृत्यों से माहौल को उत्सवमय बना दिया। बहरुपिया कलाकारों के स्वांग और करतबों ने भी सैलानियों को खूब लुभाया।
पिछोला झील में शाही गणगौर को नाव के जरिए बंशी घाट से गणगौर घाट तक लाया जाएगा, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है। घाट पर कसूंबा अर्पित करने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और आतिशबाजी का आयोजन भी होगा।
महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या और बेस्ट ड्रेस प्रतियोगिता में विदेशी पर्यटक भी हिस्सा लेंगे। ओल्ड सिटी की गलियों से गुजरती यह सवारी उदयपुर की समृद्ध परंपरा और संस्कृति का जीवंत उदाहरण बन गई है।