दक्षिण राजस्थान के जिलों को विकास योजनाओं में प्राथमिकता देने की मांग
उदयपुर, 1 अप्रैल: राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को शुरू किए गए इस अभियान के तहत देशभर के 63 हजार से अधिक जनजाति बहुल गांवों को शामिल किया गया है, जिसका कुल परिव्यय लगभग 79 हजार करोड़ रुपए है।
गरासिया ने कहा कि 17 मंत्रालयों के समन्वय से 25 योजनाओं के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक अवसंरचना और आजीविका में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और “पीएम जन मन” योजना के तहत सड़कों, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों के निर्माण को सराहनीय कदम बताया।
उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्बर और प्रतापगढ़ जैसे जनजाति बहुल जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क संपर्क और रोजगार के अवसरों की कमी का मुद्दा उठाया। सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इन क्षेत्रों को योजना में प्राथमिकता देते हुए अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की जाएं, ताकि जनजातीय समाज का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
राज्यसभा में गरासिया ने उठाई जनजातीय क्षेत्रों की समस्याएं
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