कहा- परिजन लाशें भी नहीं पहचान पाए, प्रशासन की बड़ी लापरवाही
चित्तौड़गढ़, 8 अक्टूबर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार के पास अब कोई ताकत नहीं बची है। मुख्यमंत्री, मंत्री, यहां तक कि विधायक और सांसद की भी सुनवाई नहीं हो रही, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी? उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की परेशानियों की कोई परवाह नहीं है, लोग समझ नहीं पा रहे कि अपनी बात किससे कहें।
देवरी के पास मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल अग्निकांड में हुई मौतों ने शासन की संवेदनहीनता उजागर कर दी। उन्होंने कहा— “इतना बड़ा मिसमैनेजमेंट मैंने अपने जीवन में नहीं देखा। परिजन अपने अपनों की लाशें तक नहीं पहचान पाए, प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली।”
राजनीतिक सवाल पर गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा से बिहार में कांग्रेस को अच्छा माहौल मिल रहा है। वे बिहार चुनाव में वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में रवाना हुए हैं और विश्वास जताया कि “इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी।”
उन्होंने कपासन के सूरज माली प्रकरण पर भी कहा कि मुख्य आरोपी से पूछताछ तक नहीं की गई। गहलोत ने बताया कि सूरज का स्वास्थ्य अब बेहतर है। प्रशासन ने उसे 25 लाख में से 20 लाख रुपए दे दिए हैं और इलाज का पूरा खर्च भी सरकार ने उठाया है।