मुआवजा और नौकरी की मांग पर CHC के बाहर धरना, डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप
कोटड़ा, 2 मई: उदयपुर जिले के मांडवा पीएचसी में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध हालात में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को कोटड़ा सीएचसी के बाहर बड़ी संख्या में लोग मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रशासन और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन देर शाम तक कोई सहमति नहीं बन सकी।
घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब आरती कुमारी को खांसी-जुकाम की शिकायत पर पीएचसी लाया गया था। आरोप है कि वहां मौजूद जीएनएम ने बिना डॉक्टर की मौजूदगी के इंजेक्शन लगा दिया, जिसके कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। पिता ने गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो जांच हुई और न ही पर्ची बनाई गई।
पोस्टमॉर्टम से इंकार, मांगों पर अड़े परिजन
मृतका का शव कोटड़ा सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखा है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। मौके पर तहसीलदार, बीएमओ और पुलिस अधिकारी समझाइश में जुटे हैं।ग्रामीणों ने पीएचसी में डॉक्टर की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर डॉक्टर मौजूद होते तो यह घटना टल सकती थी। आरती एसटीसी की छात्रा थी और शिक्षिका बनने का सपना देख रही थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और अस्पताल परिसर में पुलिस तैनात है।