94 में से 28 माइनर मिनरल प्लॉटों की नीलामी से 6.12 करोड़ रुपए का रेवेन्यू प्राप्त
चित्तौड़गढ़, 20 जनवरी: चित्तौड़गढ़ जिले में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान खनन विभाग की ओर से किए गए डेलिनिएशन (सीमांकन) और नीलामी कार्य से सरकार को बड़ा आर्थिक लाभ हुआ है। जिले में माइनर और मेजर मिनरल्स के लिए नए-नए खनन प्लॉट चिन्हित कर उन्हें नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया, जिससे विभाग को प्रीमियम राशि और अपफ्रंट पेमेंट के रूप में करोड़ों रुपए का राजस्व मिला है।
खनन विभाग के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से 30 दिसंबर 2025 तक जिले में माइनर मिनरल्स के कुल 94 नए प्लॉट डेलिनिएशन के जरिए चिन्हित किए गए। इनमें क्वार्टजाइट, मैसेनरी स्टोन, ग्रेनाइट, सैंड स्टोन, बजरी, मार्बल और एम-सेण्ड जैसे खनिज शामिल हैं। अलग-अलग तहसीलों और गांवों में सर्वे कर इन प्लॉटों को तय किया गया, ताकि खनन कार्य नियमों और तय सीमाओं के तहत किया जा सके।
28 प्लॉटों की नीलामी से 6.12 करोड़
कुल 94 चिन्हित प्लॉटों में से 75 प्लॉट नीलामी के लिए निदेशालय को भेजे गए, जिनमें से 41 की एनआईबी जारी हुई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 28 प्लॉटों की नीलामी सफल रही, जिससे विभाग को 6 करोड़ 12 लाख रुपए की प्रीमियम राशि प्राप्त हुई, जो सरकारी खाते में जमा कर दी गई है।
मेजर मिनरल ब्लॉकों से भी आय
इसके अलावा वर्ष 2025-26 में जिले में मेजर मिनरल के 7 ब्लॉक चिन्हित किए गए, जिनमें से 4 ब्लॉकों की नीलामी से 4 करोड़ 98 लाख रुपए की अपफ्रंट पेमेंट मिली है। खनन विभाग के अनुसार शेष प्लॉटों पर नीलामी और अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में और प्लॉटों की नीलामी पूरी होने से जिले को खनन से होने वाली आय में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। विभाग का फोकस नियमों के तहत पारदर्शी खनन और राजस्व वृद्धि पर बना हुआ है। खनिज अभियंता (ME) एहतेशाम सिद्दीकी ने बताया कि खनि अभियंता चित्तौड़गढ़ कार्यालय के क्षेत्राधिकार में कई गांवों में माइनर मिनरल प्लॉट तय किए गए हैं।