कटारिया बोले—सीएम से बात कर वागड़ में बनवाया, शिक्षकों की भूमिका अहम
बांसवाड़ा, 4 अप्रैल : पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि गोविंद गुरु यूनिवर्सिटी मूल रूप से उदयपुर में प्रस्तावित थी, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा कर इसे वागड़ क्षेत्र में स्थापित करवाया, ताकि जनजातीय अंचल को शिक्षा का लाभ मिल सके।
वे गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में “विकसित भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की नींव शिक्षक रखते हैं, इसलिए शिक्षकों को विद्यार्थियों को संस्कारों से भी जोड़ना चाहिए।
160 कॉलेजों के शिक्षक हुए शामिल
कार्यक्रम में बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के 160 कॉलेजों के शिक्षकों ने भाग लिया। संगोष्ठी में शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर चर्चा हुई। कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया। इससे पूर्व कटारिया ने स्व. पन्नालाल नागर की जन्म शताब्दी पर आयोजित व्याख्यानमाला में भी भाग लिया, जहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी भी उपस्थित रहे।