टीईआरआई के साथ एमओयू, औद्योगिक भूमि को प्राकृतिक इकोसिस्टम में बदलने की पहल
उदयपुर, 6 जून: पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने राजस्थान में 250 हेक्टेयर के इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट के लिए टीईआरआई (द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट) के साथ समझौता किया है। यह परियोजना चित्तौड़गढ़ स्थित चंदेरिया लेड-जिंक स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में विकसित की जाएगी, जहां औद्योगिक भूमि को प्राकृतिक इकोसिस्टम में परिवर्तित किया जाएगा।
बायोडायवर्सिटी और जलवायु संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना के तहत स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पेड़, झाड़ियां, औषधीय पौधे और घास विकसित की जाएंगी। साथ ही जल निकायों के संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और दीर्घकालिक रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन मजबूत करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाना है।
पहले भी मिल चुकी है सफलता
हिंदुस्तान जिंक और टीईआरआई की साझेदारी में चंदेरिया परिसर में 22.25 हेक्टेयर बंजर औद्योगिक भूमि का सफल पुनर्वास किया जा चुका है। माइकोराइजा तकनीक के माध्यम से लगभग 56,400 स्थानीय पौधे लगाए गए, जिससे क्षेत्र में हरित आवरण विकसित हुआ है। कंपनी के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि यह पहल सस्टेनेबिलिटी, जैव विविधता संरक्षण और जिम्मेदार औद्योगिक विकास के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।