38 दिन से बंद मानवता की रसोई, रोज 600 जरूरतमंदों की थाली हुई खाली

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एमबी अस्पताल की निःशुल्क भोजनशाला बंद होने से मरीजों के परिजन बाहर महंगा भोजन खरीदने को मजबूर, राशन खराब होने की कगार पर
उदयपुर, 2 जुलाई:
महाराणा भूपाल चिकित्सालय (एमबी हॉस्पिटल) परिसर में पिछले आठ वर्षों से संचालित निःशुल्क भोजनशाला पिछले 38 दिनों से बंद है। 25 मई को शॉर्ट सर्किट के कारण गैस सिलेंडर में लगी आग की छोटी घटना के बाद सुरक्षा कारणों से भोजनशाला सील कर दी गई थी। तब से प्रतिदिन करीब 600 मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाला निःशुल्क भोजन बंद है। दूर-दराज से इलाज कराने आने वाले गरीब परिवार अब बाहर होटलों और ठेलों से भोजन खरीदने को मजबूर हैं, जबकि कई लोग आर्थिक तंगी के कारण एक समय का भोजन कर दिन गुजार रहे हैं।
भोजनशाला संचालकों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन से कई बार वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। लंबे समय से बंद रहने के कारण अंदर रखा राशन और अन्य खाद्य सामग्री भी खराब होने लगी है। संस्थान ने शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल को भी समस्या से अवगत कराया है।
संस्थान पदाधिकारियों के अनुसार भोजनशाला केवल भोजन वितरण केंद्र नहीं, बल्कि मानव सेवा का अभियान है, जिसने वर्षों से हजारों जरूरतमंदों का सहारा बनकर काम किया है। उनका कहना है कि यदि स्थायी व्यवस्था में समय लग रहा है तो प्रशासन अस्थायी स्थान उपलब्ध कराकर सेवा फिर शुरू करवा सकता है।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षकने बताया कि आग की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से भोजनशाला बंद की गई थी। अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही भोजनशाला को जल्द पुनः शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।