लोकसभा में सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के सवाल पर खुलासा, 99.6% ब्रॉडगेज नेटवर्क विद्युतीकृत; चीन समेत कई देशों से आगे निकला भारत
उदयपुर, 29 जुलाई: भारतीय रेल ने रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए विश्व के प्रमुख देशों को पीछे छोड़ दिया है। लोकसभा में सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रश्न के जवाब में रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेल के ब्रॉडगेज नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जबकि शेष नेटवर्क पर भी तेजी से कार्य जारी है।
रेल मंत्री ने बताया कि विद्युतीकरण के मामले में भारत अब चीन (82%), स्पेन (67%), जापान (64%), फ्रांस (60%) और यूनाइटेड किंगडम (39%) से आगे निकल चुका है। वर्ष 2014 से पहले करीब 60 वर्षों में केवल 21,801 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि उसके बाद 48,072 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण किया गया।
डीजल खपत में 185 करोड़ लीटर की कमी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेल विद्युतीकरण से भारतीय रेल की डीजल खपत में 185 करोड़ लीटर की कमी आई है। वर्ष 2015-16 में जहां 293 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती थी, वहीं 2024-25 में यह घटकर लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है, बल्कि विदेशी मुद्रा की भी बड़ी बचत हुई है।
गति और माल ढुलाई क्षमता में बढ़ोतरी
रेल मंत्री ने कहा कि विद्युतीकरण से ट्रेनों की गति, माल ढुलाई क्षमता और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भारत ने केवल व्यस्त रेलमार्गों तक सीमित रहने के बजाय पूरे ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण का लक्ष्य अपनाया है, जिससे भारतीय रेल विश्व की सबसे व्यापक रूप से विद्युतीकृत रेल प्रणालियों में शामिल हो गई है।