उदयपुर में सम्पन्न हुआ आईसीएआई का 8वां ग्लोबल ऑर्बिट
वैश्विक व्यापार, जीसीसी, गिफ्ट सिटी और अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसरों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
विश्व मंच पर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की दमदार दस्तक
उदयपुर, 18 जुलाई: द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ग्लोबल ट्रेड एंड सर्विसेज कमेटी एवं आईसीएआई उदयपुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को जस्टा सज्जनगढ़ रिजॉर्ट में 8वें आईसीएआई ग्लोबल ऑर्बिट का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। “फ्रॉम जीसीसी टू ग्लोबल लीडरशिप” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं विशेषज्ञों ने वैश्विक व्यापार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी), गिफ्ट सिटी, अंतरराष्ट्रीय करियर तथा वैश्विक नेतृत्व के उभरते अवसरों पर गहन मंथन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
आईसीएआई उदयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए चिराग धर्मावत ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारत तेजी से वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अपनी विशेषज्ञता, पारदर्शिता एवं नवाचार के बल पर विश्वभर में नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल ऑर्बिट जैसे आयोजन सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोडऩे, नई तकनीकों से परिचित कराने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आईसीएआई ग्लोबल ट्रेड एंड सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष सीए संजीब सांघी (कोलकाता) ने “विनिंग योर फस्र्ट ग्लोबल क्लाइंट – ए प्रैक्टिकल रोडमैप” विषय पर वैश्विक ग्राहकों तक पहुंचने की रणनीति, प्रोफेशनल ब्रांडिंग, नेटवर्किंग एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कमेटी के उपाध्यक्ष सीए (डॉ.) रोहित रुवाटिया (जयपुर) ने “एक्सपैंडिंग होराइजन्स ग्लोबल ऑपच्र्युनिटीज” विषय पर कहा कि वर्तमान समय भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए वैश्विक स्तर पर अपनी विशेषज्ञता स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर है और युवाओं को वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
सीए गौरव कनुडावाला (गांधीनगर) ने गिफ्ट सिटी को भारत का उभरता अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र बताते हुए वहां उपलब्ध निवेश एवं व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी दी। वहीं सीए श्वेतांग पंड्या (गांधीनगर) ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की बढ़ती भूमिका तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए उपलब्ध नए अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
सीए हर्षिता धारीवाल (जयपुर) ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ट्रांसफर प्राइसिंग एवं अंतरराष्ट्रीय कर अनुपालन की जटिलताओं को सरल ढंग से समझाया, जबकि सीए कार्तिक राव (बेंगलुरु) ने भविष्य के कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं तकनीकी दक्षता को वैश्विक सफलता की कुंजी बताया। सम्मेलन में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने वैश्विक व्यापार, निर्यात, विदेशी क्लाइंट्स, जीसीसी, गिफ्ट सिटी एवं अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल अवसरों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रतिभागियों ने सम्मेलन को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक बताया।
कार्यक्रम का संचालन सीए आँचल पचौरी एवं सीए अव्या अग्रवाल ने किया। अंत में उदयपुर शाखा की सचिव सीए अरुणा गेलड़ा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रायोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर आईसीएआई के पूर्व सीआईआरसी अध्यक्ष सीए देवेन्द्र सोमानी, आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा के अध्यक्ष सीए दिनेश सुथार, आईसीएआई राजसमंद शाखा के अध्यक्ष सीए मयंक राठी सहित उनकी प्रबंध समितियों के सदस्य उपस्थित रहे। उदयपुर शाखा की ओर से उपाध्यक्ष सीए सौरभ गोलछा, कोषाध्यक्ष सीए कपिल जोशी, सीकासा अध्यक्ष सीए धर्मेन्द्र कोठारी तथा प्रबंध समिति सदस्य सीए राहुल माहेश्वरी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सम्मेलन ने प्रतिभागियों को वैश्विक व्यापार, जीसीसी, गिफ्ट सिटी और अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व के नए आयामों से परिचित कराया तथा भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए वैश्विक अवसरों की नई दिशा प्रदान की।