सांसद डॉ. रावत बोले—प्रतापगढ़ में 54 में से केवल 3 काम मंजूर, अध्यक्ष पद सांसद को मिले
उदयपुर, 27 मार्च: डॉ. मन्नालाल रावत ने प्रतापगढ़ में डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) के कार्यों को रोके जाने का मुद्दा लोकसभा में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर द्वारा गवर्निंग काउंसिल से स्वीकृत 54 कार्यों में से केवल 3 को ही मंजूरी दी गई, जबकि शेष कार्य लंबित रखे गए हैं। सांसद ने पूरे प्रकरण की जांच कराने और डीएमएफ का अध्यक्ष लोकसभा सांसद को नियुक्त करने की मांग की।
शून्यकाल के दौरान बोलते हुए डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के तहत डीएमएफ का गठन खनिज क्षेत्रों के विकास के लिए किया गया था। उनकी लोकसभा क्षेत्र में चार डीएमएफ हैं, जिनमें प्रतापगढ़ में शिक्षा, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े 54 कार्यों को मंजूरी मिली थी और राज्य सरकार ने वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने मनमाने तरीके से अधिकांश कार्य रोक दिए, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सांसद ने मांग की कि सभी स्वीकृत कार्यों को जल्द धरातल पर उतारा जाए, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सके।