उदयपुर, 19 जुलाई: राजस्थान क्षत्रिय दमामी महासभा (RKDDM) के आम चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने बताया कि समाज की नियमावली एवं संविधान के अनुरूप निर्वाचन प्रक्रिया संचालित की गई।
समाज की आम सभा का आह्वान 14 जुलाई 2026 को किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज की नई कार्यकारिणी का संवैधानिक तरीके से निर्वाचन करना था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई को नामांकन पत्र जमा किए गए, 17 जुलाई को नाम वापसी की प्रक्रिया सम्पन्न हुई, 18 जुलाई को अंतिम सूची प्रकाशित की गई तथा 19 जुलाई को निर्वाचन कार्यक्रम बनाया गया था परन्तु
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान समाज के 10 संवैधानिक पदों के लिए कुल 13 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से अध्यक्ष पद सहित तीन नामांकन पत्र वापस ले लिए गए। इसके पश्चात संयोजक, उपसंयोजक एवं निर्वाचन अधिकारी अधिवक्ता मनीष खंडेलवाल की उपस्थिति में सभी 10 संवैधानिक पदों पर निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की गई।
तत्पश्चात चित्रकूट नगर स्थित खेल गांव के सामने मंगलमय भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में निर्वाचन अधिकारी अधिवक्ता मनीष खंडेलवाल ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ संरक्षक श्रीमती राधा देवी श्री दामोदर लाल जी वर्मा श्री प्रवीण जी वर्मा श्री यशवंत जी वर्मा श्री जगदीश चंद्र जी राणा आदि अन्य सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में
अध्यक्ष — श्री कमल वर्मा
उपाध्यक्ष — श्री जयेश पंवार
महासचिव — श्री यथार्थ वर्मा
संयुक्त सचिव — श्री संतोष दाँत्या
कोषाध्यक्ष — श्री हरीश पंवार
संगठन सचिव — श्री विष्णु वर्मा
संगठन सचिव — श्री लव वर्मा
प्रचार-प्रसार सचिव — श्री प्रफुल्ल वर्मा
प्रचार-प्रसार सचिव — श्रीमती वंदना सिसोदिया
सांस्कृतिक सचिव — श्रीमती तरुणा सिसोदिया
नवनिर्वाचित अध्यक्ष कमल वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नई कार्यकारिणी समाज हित, वंचित वर्गों के उत्थान, शिक्षा के क्षेत्र में छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने हेतु सरकारी स्तर पर प्रयास करने, विद्यार्थियों के हित में खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा समाज स्तर पर सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करेगी।
समाज के वरिष्ठजनों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगी तथा सामाजिक एकता एवं संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी।