बेटे यश साहू बोले- जिनकी भूमिका पर उठे थे सवाल, उन्हें फिर बड़ी जिम्मेदारी देना दुर्भाग्यपूर्ण
उदयपुर, 9 जून: उदयपुर के बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड से जुड़े तत्कालीन धानमंडी थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपुरोहित की पदोन्नति के बाद डीएसपी गिरवा के रूप में उदयपुर में नियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने इस नियुक्ति का विरोध करते हुए सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
यश साहू ने कहा कि कन्हैयालाल हत्याकांड के समय गोविंद सिंह राजपुरोहित धानमंडी थाने के सीआई थे और घटना के बाद उनकी कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई के नाम पर उन्हें निलंबित किया गया, लेकिन बाद में बहाल कर दिया गया। अब उन्हें पदोन्नति देकर डीएसपी के रूप में उदयपुर में ही तैनात किया जाना पीड़ित परिवार के लिए आघात पहुंचाने वाला निर्णय है।
उन्होंने कहा कि कन्हैयालाल हत्याकांड देशभर में चर्चित रहा और परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। ऐसे में जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हुए थे, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना उचित नहीं माना जा सकता।
पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गोविंद सिंह राजपुरोहित की उदयपुर में की गई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। परिवार का कहना है कि जब तक कन्हैयालाल हत्याकांड में उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक इस तरह के फैसले उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाते रहेंगे।