आईवीएफ सेंटर और आर्ट बैंक पर के बाद अन्य कड़ियों की तलाश

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पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू
उदयपुर, 31 मई:
अवैध भ्रूण लिंग जांच और कथित कोख के सौदे से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस और प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। चेतक सर्किल स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर की संचालिका डॉ. नीना सक्सेना तथा हिरण मगरी सेक्टर-6 स्थित संपत आर्ट बैंक के खिलाफ विभिन्न धाराओं और पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग या संस्थान शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
डिकॉय ऑपरेशन के बाद हुई कार्रवाई
राजस्थान राज्य पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा किए गए गोपनीय डिकॉय ऑपरेशन में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में कथित रूप से ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो गर्भवती महिलाओं को अवैध भ्रूण लिंग जांच के लिए प्रेरित कर रहा था। आरोप है कि इस कार्य में बिचौलियों की सक्रिय भूमिका थी और इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी।
जांच के घेरे में आया आर्ट बैंक
पुलिस ने मामले में संपत आर्ट बैंक को भी जांच के दायरे में लिया है। सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (ART) और सरोगेसी नियमों के संभावित उल्लंघन की आशंका को देखते हुए इसकी भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है।